केरल बड़ी विपत्ति से गुज़र

केरल बड़ी विपत्ति से गुज़र

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भारत का दक्षिणी राज्य केरल एक बहुत बड़ी विपत्ति से गुज़र रहा है। बाढ़ और  खतरनाक बारिश ने पिछले दिनो  में बहुत नुक्सान किया है। इस बाढ़ की शुरुआत  कुछ हफ्ते पहले हुई थी और अधिकारियों को मजबूरी में बांध खोलने की ज़रुरत पड़ी जिसकी वजह से ४० नदियों के पानी ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी। लोगो के घर, दफ्तर , पशु व खेत डूब  गए  हैं। लोगो को कैंप में रखा जा रहा है मगर अभी भी बहुत लोग बेसहारा है। कई आदिवासी क्षेत्रो मे मदद नहीं पहुंच पायी है।

क्षेत्र के पूरे १४ ज़िले प्रभावित है और सौ से ज़्यादा लोगो की मौत हो गयी है। एक लाख से भी ज़्यादा लोगो को कैंप में रखा गया है और सरकार , एन जी ओ व आम नागरिक सब मिल कर इस चुनौती का सामना करने का प्रयास कर रहे है। मगर यह करने के लिए खाना व अन्य साधन की बहुत ज़रुरत है और अभी तक का सामान तेज़ी  से ख़तम हो रहा है। कपड़े , अनाज, पानी , दवा इन सब की बहुत ज़रुरत है।

राज्य के अन्य अस्पतालों से कई दर्दनाक कहानियां सुनने को मिल रही है और हर विद्यालय व दफ्तर को कैंप बनाने की कोशिश जारी है। बच्चे बूढ़े सभी इस दुर्घटना के प्रभाव से जूझ रहे है। केरल ने देश में हुए हर बाढ़, प्रलय व जंग में मदद की है मगर इस मुश्किल समय में केंद्रीय सरकार की मदद में कमी दिखाई दे रही है। इस दुर्घटना को राष्ट्रीय आपत्ति घोषित करने की ज़रुरत है जिससे राज्य के लोगो को और मदद दी जा सके। राष्ट्रीय मीडिया ने भी इस दुर्घटना पर उचित ध्यान नहीं दिया है। हम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से अनुरोध करते है की वह इस आपदा की गंभीरता को समझे और देश विदेश  के कोने कोने में इसका संचार करे जिससे सब मिल कर केरल के नागरिकों की मदद करे।
केरल के लोग अपनी पूरी ताकत लगा रहा है और पूरा समाज एक जुट होकर इस चुनौती का सामना कर रहा है। इस राज्य के साहस ने उसको हार नहीं मानने दिया है। हर तरह की मदद ज़रूरी है और हम केंद्रीय सरकार से अनुरोध करते है की वह सहायता में कोई कसर न छोड़े।  हम सबको यह याद रखना चाहिए की हर छोटे-बड़े कदम से फर्क पड़ता है। आप भी इस दुर्घटना में अपनी अपनी क्षमता के अनुसार मदद करे। दुनिया भर के लोगो को अपनी भूमिका निभानी पड़ेगी और इस राज्य को वापस अपने पैरों को खड़ा करने के लिए सबको आगे आना पड़ेगा।

बचाव और पुनर्निर्माण दोनों एक साथ करने पड़ेंगे।
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Sethulekshmy C
Navamalayali Editorial Board
Translated from English by Sameer Gardner
Courtesy: Shafeek Subaida Hakkim, Aswathy Senan

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